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कोसी नदी अपडेट - उत्तर बिहार की समस्याओं को दर्शाता 1961 में लिखा गया एक पत्र, कटाव से ग्रामीणों की रक्षा हो

  • By
  • Dr Dinesh kumar Mishra
  • March-12-2020

संपादक के नाम इस पत्र पर एक नज़र डालें।
आर्यावर्त - पटना, 13 अगस्त 1961.


कटाव से ग्रामीणों की रक्षा हो


महाशय, मैं आपके लोकप्रिय पत्र आर्यावर्त द्वारा बिहार सरकार के संबद्ध अधिकारियों का ध्यान मुजफ्फरपुर जिले के अंतर्गत राघोपुर थाने के जहांगीरपुर, सुकुमार पुर कमीपुर, परोहा, पुरुषोत्तमपुर आदि गांव की दु:स्थिति की ओर आकृष्ट करना चाहता हूं।

दुर्भाग्यवश, राघोपुर थाना चारों ओर से गंगा नदी से घिरा हुआ है। इस दियारे का संबंध जिले के अन्य भागों से एकदम विच्छिन्न रहता है। बरसात के दिनों में नदी बहुत उग्र हो जाती है। गंगा अपने कटाव के लिए प्रसिद्ध है ही। इस दियारे की भूमि भी हर साल कटती जा रही है। उपर्युक्त ग्रामों की प्राय: 80 प्रतिशत जमीन गंगा के गर्भ में अब तक जा चुकी है। बरसात के दिनों में गंगा विनाशकारी रूप धारण कर लेती है। इस साल भी बरसात के आरंभ में ही नदी पानी से भर गई और कटाव में भी जोर पकड़ा। इस साल कटाव का मुख्य क्षेत्र जहांगीरपुर और सुकुमार पुर बना है। अब तक दर्जनों घर गंगा की धारा में प्रवाहित हो चुके हैं नदी में जोरों की बाढ़ आ गई है। दियारे की अधिकांश भूमि जलमग्न हो चुकी है। पानी बढ़ता ही जा रहा है। धारा तीव्रतर होती जा रही है और कटाव उग्रतर रूप धारण करता जा रहा है।

प्रायः एक सप्ताह से हर रोज वर्षा हो रही है। लोगों के लिए इधर-उधर निकलना मुश्किल हो गया है। पता नहीं, किस क्षण हजारों की आबादी वाला उपर्युक्त ग्राम गंगा की गोद में विलीन हो जाए। कटाव का क्रम हर क्षण जारी है। नदी ने समुद्र का रूप धारण कर लिया है। सन 1948 की भीषण बाढ़ में सुकुमारपुर गांव के सैकड़ों परिवार धन-जन विहीन हो गए थे। सन 1950 के कटाव में समूचे जहांगीरपुर गांव वालों को एकाएक गांव छोड़ कर मीलों दक्षिण हट जाना पड़ा था। सन 1959 में परोहा आदि गांव एकदम बर्बाद हो गए। दियारे के अन्य ग्रामों पर भी उसका प्रभाव पड़ा।

इस थाने के लोगों की दूसरी बड़ी समस्या यातायात की है। मौसम ठीक रहने पर भी नदी आर-पार आना-जाना कठिन हो जाता है। बरसात के दिनों में तो आना-जाना एकदम ही बंद हो जाता है। सुंदरघाट, नाव तथा मोटर लॉन्चों की कमी इस दिशा में एक और समस्या है।

कटाव एवं अन्यान्य दैवी प्रकोपों ने लोगों की आर्थिक स्थिति एकदम खराब कर दी है। लोगों के लिए पुनर्वास एवं यातायात की कठिन समस्या उत्पन्न हो गई है। यदि सरकार का ध्यान उपर्युक्त बातों की ओर नहीं गया तो पता नहीं किस क्षण लोगों को अपने धन-जन से हाथ धो देना पड़े।

अतः संबद्ध अधिकारियों से मेरा अनुरोध है कि वे उपर्युक्त बातों पर ध्यान देकर जहांगीरपुर, सुकुमार पुर के लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था करें, रिलीफ एवं अन्य अन्य प्रकार से सहायता प्रदान करें, बरसात के समय अधिक से अधिक नावों एवं एवं मोटर लॉन्चों की व्यवस्था करें।

ठाकुर शंकर शरण सिंह ग्राम/पत्रालय - जहांगीरपुर जिला मुजफ्फरपुर

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